Petrol Diesel Prices Updated पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी: क्या जल्द बढ़ेंगे ईंधन के रेट, फिलहाल आम जनता को राहत
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिसका असर भारतीय तेल कंपनियों पर भी पड़ रहा है। हालांकि 12 मई 2026 को सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे आम लोगों को फिलहाल राहत मिली हुई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं। वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई बाधित होने की आशंका के कारण तेल बाजार में दबाव बना हुआ है।
आज पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
देश के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं:
- दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77, डीजल ₹87.67 प्रति लीटर
- मुंबई: पेट्रोल ₹103.54, डीजल ₹90.03 प्रति लीटर
- कोलकाता: पेट्रोल ₹105.45, डीजल ₹92.02 प्रति लीटर
- चेन्नई: पेट्रोल ₹100.80, डीजल ₹92.39 प्रति लीटर
- चंडीगढ़: पेट्रोल ₹94.30, डीजल ₹82.45 प्रति लीटर
इन कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
क्यों बढ़ सकती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें?
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की महंगाई भारतीय तेल कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां भारी नुकसान झेल रही हैं। कुछ रिपोर्टों में यह नुकसान हजारों करोड़ रुपये प्रति माह बताया गया है।
इसके अलावा अमेरिका, ईरान और मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव के कारण तेल सप्लाई पर असर पड़ सकता है। यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं, तो भारत में भी पेट्रोल और डीजल महंगे हो सकते हैं।
सरकार का क्या कहना है?
केंद्र सरकार ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबरों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी तरह की घबराने वाली स्थिति नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोगों से ईंधन की बचत करने की अपील भी की है। उन्होंने कारपूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और ईंधन के सीमित उपयोग पर जोर दिया है।
आम जनता पर क्या होगा असर?
यदि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होती है, तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से खाद्य पदार्थ, सब्जियां, दूध और अन्य जरूरी सामान महंगे हो सकते हैं। इससे महंगाई दर भी बढ़ सकती है। यही कारण है कि लोग फिलहाल सरकार और तेल कंपनियों के अगले फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आती है, तो भारत में भी ईंधन दरें नियंत्रण में रह सकती हैं। लेकिन यदि वैश्विक तनाव बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।



