केरल ब्लास्टर्स बनाम मुंबई सिटी एफसी: आखिरी पलों का ड्रामा और मुंबई की शानदार वापसी
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Mumbai City FC Vs Kerala Blasters FC: सुपर कप 2025: मुंबई सिटी ने केरल ब्लास्टर्स को हराया — रोमांच से भरपूर मुकाबला

6 नवंबर 2025 को गोवा के Pandit Jawaharlal Nehru Stadium, Fatorda में AIFF Super Cup 2025‑26 के ग्रुप-स्टेज में मुंबई सिटी 1-0 से जीतकर सेमीफाइनल में पहुँच गई।

केरल ब्लास्टर्स के लिए यह हार बेहद दर्दनाक रही क्योंकि 88वें मिनट में अपने ही खिलाड़ी द्वारा आत्म-गोल की वजह से टीम बाहर हो गई। इसके अलावा, ब्लास्टर्स को पहले हाफ के अंत में रेड कार्ड का भी सामना करना पड़ा था, जिसने मैच पर भारी असर डाला।

 फुटबॉल में कहते हैं कि खेल खत्म होने तक कुछ भी हो सकता है, और यही बात AIFF सुपर कप 2025-26 के ग्रुप-डी के इस मुकाबले में साबित हुई।

मैच की शुरुआत: रणनीति और तनाव का संगम

दोनों टीमें मुकाबले में अलग मानसिकता के साथ उतरीं।
मुंबई सिटी को सेमीफाइनल में जाने के लिए जीत की दरकार थी, जबकि केरल ब्लास्टर्स को सिर्फ एक ड्रॉ से काम चल सकता था। इसी कारण शुरुआत से ही मुंबई ने आक्रामक रुख अपनाया।

पहले 15 मिनटों में मुंबई ने गेंद पर लगभग 65% कब्जा बनाए रखा। उनके मिडफ़ील्डर लालींजुआल चांगते और जोर्ज डियाज़ ने कई बार ब्लास्टर्स की डिफेंस को तोड़ने की कोशिश की। वहीं, केरल ब्लास्टर्स की ओर से एड्रियन लूना और कोल्डो ओबिएता ने काउंटर-अटैक के जरिए मौके बनाने की कोशिश की, परंतु फुर्बा लाचेनपा की चुस्त गोलकीपिंग ने उन्हें रोक दिया।

पहला हाफ: रेड कार्ड ने बदल दी तस्वीर

पहले हाफ के अंत तक दोनों टीमों ने कुछ अच्छे मौके बनाए, लेकिन कोई गोल नहीं हुआ। 43वें मिनट में मैच का रुख अचानक बदल गया — ब्लास्टर्स के डिफेंडर संदीप सिंह को लगातार दो पीले कार्ड मिलने के बाद बाहर भेज दिया गया।
इस रेड कार्ड ने केरल ब्लास्टर्स को भारी मुश्किल में डाल दिया, क्योंकि अब उन्हें पूरे दूसरे हाफ में सिर्फ 10 खिलाड़ियों के साथ मैदान में रहना था।

ब्लास्टर्स के कोच इवान वुकोमनोविच ने डिफेंस को मजबूत करने के लिए एक मिडफ़ील्डर की जगह डिफेंडर उतारा, लेकिन इससे टीम का अटैक कमजोर पड़ गया। मुंबई सिटी ने इसका पूरा फायदा उठाने की तैयारी कर ली।

दूसरा हाफ: मुंबई का दबाव और निर्णायक क्षण

दूसरे हाफ में मुंबई सिटी ने लगातार गेंद अपने पास रखी।
चांगते, रौलिन बोर्गेस और विक्रम प्रताप सिंह ने कई बार पेनल्टी बॉक्स में घुसने की कोशिश की।
ब्लास्टर्स की डिफेंस — जोशुआ सोटेरियो और फ्रेडी लल्लावमवा के नेतृत्व में — मजबूती से डटी रही।

लेकिन 88वें मिनट में आई वो दुर्भाग्यपूर्ण घड़ी, जिसने पूरे मैच की दिशा पलट दी। मुंबई के डियाज़ ने एक खतरनाक क्रॉस मारा, जिसे रोकने के लिए ब्लास्टर्स के फ्रेडी लल्लावमवा ने हेडर से क्लीयर करने की कोशिश की — पर गेंद सीधे अपने ही नेट में चली गई।
यह आत्म-गोल ही मुंबई सिटी के लिए विजयी साबित हुआ।

स्टेडियम में मौजूद मुंबई के प्रशंसक खुशी से झूम उठे, जबकि केरल ब्लास्टर्स के खिलाड़ी और समर्थक स्तब्ध रह गए।

मैच के आंकड़े और प्रदर्शन

  • अंतिम स्कोर: मुंबई सिटी 1 – 0 केरल ब्लास्टर्स

  • गेंद पर कब्जा: मुंबई सिटी 61% – केरल ब्लास्टर्स 39%

  • शॉट्स ऑन टारगेट: मुंबई – 6, ब्लास्टर्स – 2

  • रेड कार्ड: संदीप सिंह (केरल ब्लास्टर्स, 43’)

  • मैन ऑफ द मैच: फुर्बा लाचेनपा (मुंबई सिटी एफसी)

लाचेनपा का प्रदर्शन शानदार रहा — उन्होंने दो सुनिश्चित गोल बचाकर टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।

परिणाम की तुलना एवं अंक

  • इस जीत के साथ मुंबई सिटी ने ग्रुप D में सेमीफाइनल के लिए अपना स्थान पक्का कर लिया।

  • हेड-टू-हैड की बात करें तो दोनों टीमों के बीच अब तक 22 मुकाबले हुए हैं: 10 में मुंबई सिटी जीती, 6 में ब्लास्टर्स जीती, 6 बार ड्रॉ हुआ।

क्या मतलब रखती है यह जीत?

  • मुंबई सिटी ने जिस तरह से दबाव में जीत हासिल की है, वो उनके मनोबल के लिए बड़ी बात है — खासकर जरूरत के समय में।

  • ब्लास्टर्स के लिए यह हार बड़ी चेतावनी है कि अंतिम क्षणों में चूक और इफेक्टिव डिसीजन-मेकिंग उनकी असफलताओं की वजह बन रही है।

  • आगे यदि ब्लास्टर्स को बेहतर प्रदर्शन करना है, तो ऐसे मैचों में मानसिक दृढ़ता, संख्या में कमी होने पर भी संयम और कमियों पर काम ज़रूरी होगा।

  • इस तरह के परिणाम से यह भी उजागर होता है कि ग्रुप स्टेज में छोटी-छोटी गलतियां बहुत बड़े असर डाल सकती हैं।

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