हिंदू धर्म में ऋषि पंचमी का पर्व श्रद्धा, आत्मशुद्धि और प्रकृति के प्रति सम्मान से जुड़ा हुआ माना जाता है। यह पर्व गणेश चतुर्थी के अगले दिन यानी भाद्रपद शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन सप्तऋषियों का स्मरण और पूजन करने से जाने-अनजाने में हुए दोषों से मुक्ति की कामना की जाती है। खासतौर पर महिलाएं इस व्रत को श्रद्धापूर्वक करती हैं, हालांकि इसका धार्मिक महत्व सभी श्रद्धालुओं के लिए माना जाता है।
Rishi Panchami: कब है ऋषि पंचमी, जानें पूजा विधि, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास मान्यताएं
