आज यानी 26 अगस्त 2026, बुधवार को केरल समेत देश-विदेश में रहने वाले मलयाली समुदाय के लोग तिरुवोनम का पर्व मना रहे हैं। ओणम सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे, खुशहाली और परिवार के साथ बिताए खूबसूरत पलों का उत्सव है।
ओणम का नाम आते ही आंखों के सामने रंग-बिरंगे पुक्कलम (फूलों की सजावट), पारंपरिक परिधान, घर में बनती स्वादिष्ट ओणम साद्या और परिवार के साथ बैठकर भोजन करने की तस्वीर उभर आती है। मान्यता है कि राजा महाबली हर साल अपने प्रिय लोगों से मिलने धरती पर आते हैं। यही वजह है कि ओणम लोगों के लिए अपनी जड़ों, परिवार और पुरानी यादों से जुड़ने का अवसर भी बन जाता है।
इस साल भी ओणम के मौके पर लोग अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और प्रियजनों को सोशल मीडिया, WhatsApp और दूसरे माध्यमों से शुभकामनाएं भेज रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी ओणम के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं और त्योहार को खुशी, एकता, समृद्धि तथा सांस्कृतिक विरासत से जोड़कर संदेश दिया।
अपनों को भेजें ये प्यारी Onam 2026 Wishes
1. फूलों की खुशबू, रिश्तों की मिठास और खुशियों की सौगात आपके जीवन को हमेशा महकाती रहे। आपको और आपके परिवार को हैप्पी ओणम 2026!
2. राजा महाबली की तरह आपके जीवन में भी प्रेम, समानता और खुशहाली बनी रहे। ओणम आपके घर में सुख-शांति और समृद्धि लेकर आए। ओणम की हार्दिक शुभकामनाएं!
3. इस ओणम आपके आंगन का पुक्कलम खुशियों के रंगों से सजे, परिवार में हंसी गूंजे और हर दिन नई उम्मीद लेकर आए। Happy Onam 2026!
4. रिश्तों में प्यार बढ़े, घर में सुख-समृद्धि आए और जीवन में खुशियों की कमी कभी न हो। आपको और आपके सभी प्रियजनों को ओणम की ढेरों शुभकामनाएं।
5. दूर रहकर भी अपनों की याद दिल में करीब रहती है। इस ओणम उन सभी रिश्तों के नाम, जो दूरी के बावजूद दिलों को जोड़े रखते हैं। आपको प्यार और खुशियों से भरा ओणम मुबारक।
परिवार और दोस्तों के लिए खास संदेश
ओणम की सबसे खूबसूरत बात शायद यही है कि यह हमें कुछ पल रुककर अपनों के साथ बैठने का मौका देता है। आधुनिक जिंदगी की भागदौड़ में जहां परिवार के साथ समय बिताना मुश्किल होता जा रहा है, वहीं ओणम पुराने दिनों की याद दिलाता है—घर का आंगन, फूलों की सजावट, नए कपड़े, साथ बैठकर भोजन और बिना किसी खास वजह के खुलकर हंसना। यही छोटी-छोटी खुशियां इस त्योहार को खास बनाती हैं।
ओणम के अवसर पर होने वाली ओणम साद्या भी मिल-जुलकर खुशियां बांटने की परंपरा का प्रतीक है। केले के पत्ते पर परोसे जाने वाले विभिन्न पारंपरिक व्यंजन परिवार और समुदाय के लोगों को एक साथ बैठने का अवसर देते हैं। पुक्कलम, वल्लमकली, पुलिकली और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इस पर्व की रंगत बढ़ाते हैं।
ओणम का संदेश
ओणम की कहानी सिर्फ राजा महाबली की याद तक सीमित नहीं है। इसके केंद्र में समानता, प्रेम, उदारता और खुशहाली जैसे मूल्य हैं। यही कारण है कि आज ओणम केरल से बाहर रहने वाले लोगों के बीच भी उत्साह और अपनापन पैदा करता है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले मलयाली परिवार अपनी परंपराओं को नए तरीके से निभाते हुए इस त्योहार से जुड़े रहते हैं।
इस ओणम आइए सिर्फ शुभकामनाएं भेजने तक सीमित न रहें, बल्कि किसी जरूरतमंद के साथ भोजन साझा करें, किसी पुराने दोस्त को फोन करें और परिवार के साथ कुछ सुकून भरे पल बिताएं। आखिर त्योहार की असली खुशी महंगे उपहारों में नहीं, बल्कि अपनों के चेहरे पर मुस्कान लाने में है।
आप सभी को सुख, शांति, समृद्धि और प्रेम से भरे ओणम 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं। हैप्पी ओणम!
