HDFC Bank ने 17 दिसंबर 2025 से अपनी Fixed Deposit (FD) ब्याज दरों में बदलाव किया है। इस साल RBI की कई रेपो रेट कट (repo rate cuts) के बाद बैंक अपने FD रेट्स को कम कर रहा है ताकि यह प्रतिस्पर्धी मार्केट रेट्स के अनुरूप हो सके।
यह फैसला SBI और अन्य बड़े बैंकों की चाल का अनुसरण है — जो पहले ही FD रेट्स घटा चुके हैं।
क्यों घटाए गए FD रेट्स?
मुख्य कारण RBI का रेपो रेट घटाना है — यानी केंद्रीय बैंक ने बेंचमार्क ब्याज दर को कम किया। जब RBI रेपो रेट घटाता है, तो बैंकों के लिए उधारी सस्ता हो जाता है और वे आम तौर पर अपने जमा ब्याज दरों को भी नीचे करते हैं। इससे FD निवेशकों को मिलने वाला ब्याज कम हो जाता है।
HDFC Bank ने विशेष रूप से उन FD पर दरें घटाई हैं जिनकी अवधि अलग-अलग हैं — खासकर उन पर जिनका टेन्योर 1 साल से 3 साल के बीच है।
नए FD ब्याज दर (2025)
हालांकि हर अवधि के सटीक नए रेट बैंक की वेबसाइट पर अलग-अलग हैं, अधिकारिक और ताज़ा डेटा के आधार पर (जैसे Paisabazaar आदि), नीचे प्रमुख अवधि के रेट्स दिए गए हैं — जो दिसंबर 2025 तक अपडेट हैं:
HDFC Bank FD Interest Rates (न्यूनतम और अधिकतम मोटे तौर पर)
| FD अवधि | आम ग्राहकों के लिए ब्याज (लगभग) | वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज |
|---|---|---|
| 7–14 दिन | ~2.75% | ~3.25% |
| 30–45 दिन | ~3.25% | ~3.75% |
| 6–9 महीने | ~5.50% | ~6.00% |
| 1 वर्ष | ~6.25% | ~6.75% |
| 18–21 महीने | ~6.60% | ~7.10% |
| 2–3 वर्ष | ~6.45% | ~6.95% |
| 5 वर्ष | ~6.40% | ~6.90% |
(ये मोटे रेट हैं जो बैंक की साइट पर 11–12 दिसंबर के आसपास अपडेट हुए थे)
👉 वरिष्ठ नागरिक हमेशा अधिक ब्याज (ज्यादा पर्सेंट) पाते हैं — यानी लगभग 0.50% तक अतिरिक्त रिटर्न मिलता है।
3 करोड़ से अधिक जमा राशि पर क्या होता है?
बड़ी जमा राशियों (₹3 करोड़ से ऊपर) पर बैंक अलग स्लैब दरें भी देती है — जो सामान्यतः थोड़ी कम होती हैं। परन्तु इनमें भी वरिष्ठ नागरिकों को बेहतरीन लाभ मिलता है।
निवेशक के लिए क्या महत्वपूर्ण है?
1. रेपो रेट से कैसे असर होता है?
जब RBI रेपो रेट घटाता है तो बैंकों के लिए उधार लेना सस्ता हो जाता है — जिसका असर बैंक FD रेट और लोन रेट दोनों पर पड़ता है। इसलिए 2025 में कई बार RBI की नीतियों के कारण FD रेट लगातार कम होते देखे गए हैं।
2. निवेश se पहले रेट्स चेक करें
HDFC Bank समेत बहुत से बैंकों के FD रेट्स अक्सर बदलते रहते हैं — खासकर बड़ी आर्थिक नीतियों के बाद। निवेश करने से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या नेट बैंकिंग पर ताज़ा दरें चेक करना जरूरी है।
HDFC Bank vs दूसरे बैंक
2025 में देखा गया है कि एसबीआई, ICICI, Axis, Canara जैसे बैंकों ने भी अपने FD रेट्स में कमी की है। कुछ बैंकों की FD दरें HDFC के मुकाबले थोड़ी बेहतर भी दिखती हैं।
इसका मतलब यह है कि सर्वश्रेष्ठ ब्याज के लिए निवेशकों को एक से अधिक बैंक की FD दरों की तुलना करनी चाहिए — खासकर अगर आपकी प्रमुख प्राथमिकता ब्याज की अधिकतम दर पाना है।