आज सोमवार 2 फ़रवरी 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है और बाजार में लगातार खबरें आ रही हैं कि पिछले सप्ताह के रिकॉर्ड स्तरों से दोनों की कीमतें बड़ी मात्रा में लुढ़क चुकी हैं। पिछले कुछ दिनों में दोनों की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव और चिंताजनक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों की बेचैनी बढ़ी है।
राष्ट्रीय सर्राफा बाजारों में आज सोना और चांदी दोनों कमज़ोर कारोबार कर रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत प्रमुख शहरों में सोने का भाव 10 ग्राम के हिसाब से ₹1.48 लाख के आसपास रहा, जबकि चांदी का भाव ₹2.66 लाख प्रति किलोग्राम तक गिरा।
सोने-चांदी की गिरावट क्यों? मुख्य कारण
🔸 1. बजट 2026 का असर
हाल ही में पेश हुए सामान्य बजट 2026-27 के बाद सोना-चांदी में गिरावट देखी जा रही है। बजट पेश होने से पहले और बाद में निवेशकों ने भारी मात्रा में प्रॉफिट-बुकिंग (profit booking) की, जिसके कारण बाजार में बिकवाली बढ़ी।
🔸 2. वैश्विक बाजार की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोना गिरावट पर है। अमेरिकी फेडरल रिज़र्व और डॉलर के प्रदर्शन से जोखिम-सहायक संपत्ति के रूप में सोने की डिमांड थोड़ी कमजोर हुई है, जिससे कीमतें नीचे आईं। Reuters के अनुसार सोना दो सप्ताह के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है।
🔸 3. चांदी में तेज गिरावट
चांदी की कीमतों में गिरावट सोने की तुलना में और भी तेज़ रही है। पिछले कुछ दिनों में चांदी के भाव में लाखों रुपये की गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों में डर बढ़ा है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय भाव — स्थिति क्या है?
आज बाजार खुलते ही सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट देखने को मिली:
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सोना और चांदी दोनों ही पिछले रिकॉर्ड स्तरों से नीचे आ गए हैं।
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MCX पर सोना अब लगभग ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी लगभग ₹2.58 लाख प्रति किलोग्राम पर खुली।
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सप्ताह के भीतर 24 कैरेट सोने ने ₹17,885 प्रति ग्राम जैसा उच्च स्तर देखा था लेकिन तलछट में गिरावट आई।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सोने-चांदी का बाज़ार अभी विशाल उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है।
सोना-चांदी के भाव की लगातार गिरावट—क्या संकेत?
विश्लेषकों का मानना है कि हाल की गिरावट केवल एक तकनीकी रीसेट या सुधार नहीं बल्कि कुछ बाहरी वित्तीय दबावों का भी नतीजा है, जैसे कि:
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प्रॉफिट-बुकिंग का दबाव
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वैश्विक कॉमोडिटी बाजारों में बिकवाली
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डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों का प्रभाव
इसका मतलब यह है कि निवेशकों को चुनौतीपूर्ण बाजार से गुजरना पड़ रहा है।
खरीददारों और निवेशकों के लिए सुझाव
आज के रुझान को देखते हुए निवेशक और खरीदार दोनों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:
👉 यदि लंबे समय के निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदना चाहते हैं, तो मौजूदा गिरावट को अवसर के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन थोड़ा सावधान निर्णय लें।
👉 यदि आप ज्वेलरी खरीदारी के लिए तैयार हैं, तो भाव गिरने के बावजूद बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण अंतिम रेट स्थानीय सर्राफा बाजार में अलग हो सकते हैं।
👉 निवेश से पहले आर्थिक संकेतकों, डॉलर-रुपये की चाल और वैश्विक मार्केट को जरूर ध्यान में रखें।
भविष्य का परिदृश्य — क्या आगे कुछ बदलाव हो सकता है?
हालांकि आज सोने-चांदी के भाव नीचे हैं, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि ये धातुएँ लंबी अवधि में सुरक्षित निवेश के रूप में काम कर सकती हैं। कई लोगों का यह भी मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच सोना और चांदी फिर से उभर सकते हैं।
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार भविष्य में दोनों धातुओं की कीमतें फिर से स्थिर और बढ़ती हुई दिख सकती हैं, खासकर यदि वैश्विक आर्थिक संकेत सकारात्मक आते हैं और निवेशकों का भरोसा बढ़ता है।