🌞 मकर संक्रांति 2026 — तारीख, समय और शुभ योग
मकर संक्रांति हिन्दू धर्म का प्रमुख सौर आधारित त्योहार है जो सूर्य के मकर राशि (Capricorn) में प्रवेश करने पर मनाया जाता है। इस बार 14 जनवरी 2026, बुधवार को यह पर्व मुख्य रूप से मनाया जाएगा। कई अधिकारियों के अनुसार सूर्य का मकर रashi में प्रवेश दोपहर लगभग 3:07 – 3:13 बजे के बीच होगा और यही शुभ अवसर माना जाता है।
कुछ भागों में तारीख को लेकर भ्रम होता है कि क्या यह 14 या 15 जनवरी को होगा, लेकिन ज्योतिषीय गोचर के अनुसार मुख्य त्योहार 14 जनवरी 2026 को ही रखा गया है।
धार्मिक महत्व और परंपराएँ
मकर संक्रांति को उत्तरायण — सूर्य का दक्षिण से उत्तर की ओर बढ़ना — का प्रतीक माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन किए गए दान, स्नान (पवित्र नहाना), और सूर्य देवी की पूजा से पुण्य की अधिक प्राप्ति होती है।
परंपरा के अनुसार:
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सुबह उठकर पवित्र नहा धोकर सूर्यदेव को अर्घ्य देना शुभ होता है।
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गरीबों, जरूरतमंदों को दान (विशेषकर तिल, गुड़, वस्त्र और अनाज) देने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
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खिचड़ी, तिल-लड्डू, गजक जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाए और साझा किए जाते हैं।
🍛 खिचड़ी और पारंपरिक भोजन
इस पर्व पर खिचड़ी (चावल और दाल का मिश्रण) को शुभ और पुण्यकारी भोजन माना जाता है। इसका स्वादिष्ट सेवन न केवल स्वास्थ्यप्रद होता है बल्कि यह कृषि के नए सीजन का स्वागत भी करता है।
इतना ही नहीं, तिल और गुड़ से बने तिलगुल लड्डू, चिक्की, गुड़ की पूरन पोली आदि भी त्योहार का अभिन्न हिस्सा हैं, जो महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य भारत में विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।
🌾 कृषि और सांस्कृतिक पहलू
यह पर्व नई फसल के आगमन का प्रतीक भी है। धान की कटाई के बाद तैयार चूड़े को सबसे पहले देवी-देवताओं को अर्पित किया जाता है, फिर परिवार और मित्रों के बीच बांटा जाता है।
खास ट्रेंड और उत्सव में नया क्या दिखेगा?
🎈 इस बार पतंगबाज़ी में पारंपरिक पतंगों के साथ LED डोरी और हाई-टेक डिज़ाइन की पतंगें भी ट्रेंड में दिखाई दे सकती हैं, जिससे उत्सव और भी रंगीन लगेगा।
किवदंतियाँ और ज्योतिष-रुझान
इस साल सूर्य-शनि के शुभ संयोजन के कारण कुछ राशियों पर विशेष सकारात्मक प्रभाव के बारे में ज्योतिष समाचार भी प्रकाशित हुआ है, जो कहता है कि कुछ जातकों की किस्मत और भाग्य चमक सकता है।