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Vijaya Ekadashi Feb 2026: कब है विजया एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व

Vijaya Ekadashi Feb 2026

Vijaya Ekadashi Feb 2026

एकादशी हिन्दू पंचांग के अनुसार वह पुण्य दिवस है जब व्रत और पूजा-अर्चना से भगवान विष्णु की विशेष साधना की जाती है। यह दिन आध्यात्मिक शुद्धि, मन और आत्मा की शांति तथा जीवन की बाधाओं को दूर करने का प्रतीक माना जाता है।

फरवरी 2026 में दो महत्वपूर्ण एकादशी तिथियाँ हैं:

 1) विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi)

2) आमलकी/अमलकी एकादशी (Amalaki Ekadashi)

एकादशी व्रत का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

🔹 एकादशी क्यों मानी जाती है पवित्र?

‘एकादशी’ संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है ग्यारहवाँ दिन – अर्थात् कृष्ण और शुक्ल पक्ष दोनों में एकादशी तिथि आती है। हिंदू धर्म में इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह दिन शारीरिक, मानसिक और आत्मिक शांति को प्राप्त करने का माध्यम है।

🔹 विजया एकादशी का महत्त्व

विजया एकादशी को विशेष रूप से जीत और बाधाओं को हटाने वाली एकादशी के रूप में जाना जाता है। पुराणों में बताया गया है कि इस दिन किया गया उपवास और विष्णु की साधना से मनुष्य की इच्छाएँ पूरी होती हैं। यह व्रत जीवन की कठिनाइयों पर विजय प्राप्त करने में सहायता करता है तथा व्यक्ति को आत्म-निर्णय, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा देता है।

🔹 आमलकी एकादशी का योगदान

आमलकी एकादशी में आँवले (आमलकी) वृक्ष का विशेष महत्व है। यह वृक्ष स्वास्थ्य, शक्ति और जीवन-ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इस एकादशी पर वृक्ष की पूजा से स्वास्थ्य में सुधार, रोगों से मुक्ति और मानसिक संतुलन प्राप्त होने की मान्यता है। साथ ही इसे भगवान विष्णु के प्रिय वृक्षों में से एक माना गया है।

🔹 उपवास और पूजा की विशेष मान्यताएँ

एकादशी के दिन व्रत रखने से शरीर और मन में संयम आता है। कुछ लोग कठोर व्रत (निरजला) रखते हैं तो कुछ फलाहार या दूध-फल के साथ दिन बिताते हैं। सुबह शुभ समय पर स्नान, विष्णु-सहस्रनाम जप, कीर्तन-भजन, दान-पुण्य और शांतचित्त ध्यान करने से विशेष रूप से पुण्य की प्राप्ति होती है।

व्रत पालन के सुझाव

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