📈 चांदी का भाव आज — नया रिकॉर्ड तोड़ा!
आज चांदी की कीमत ने एक बार फिर इतिहास रचा है। भारत में चांदी का भाव MCX पर पहली बार ₹4,00,000 प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गया है, जो पिछले कुछ दिनों में ₹1,00,000 से ज़्यादा की तेजी का नतीजा है — और इसका असर स्थानीय सर्राफा बाजारों में भी साफ दिखाई दे रहा है।
इस उछाल का असर दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, पटना जैसे प्रमुख शहरों के रेट्स पर भी दिख रहा है। बाजार की सुबह-सुबह की ट्रेडिंग में ही चांदी के भाव में भारी इज़ाफ़ा दर्ज किया गया, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों की नज़रें चांदी की ओर टीकी हैं।
वैश्विक बाजार में भी चांदी की भारी मांग
वैश्विक स्तर पर भी चांदी की कीमत में मजबूती बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट में चांदी के रेट्स ने नए ऊँचाई स्तर देखे हैं, जहां सोना भी अपने सभी समय के उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा है। वैश्विक मांग और आर्थिक अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों जैसे सोना-चांदी की ओर भाग रहे हैं, जिससे उनके भाव में तेजी आई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ख़ासकर भू-राजनीतिक तनाव, कमजोर अमेरिकी डॉलर, और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता ने सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ा दी है, जिससे सोने की तरह चांदी की मांग और भाव दोनों बढ़ रहे हैं।
भारत में दाम का रुझान (City-wise Impact)
भारत के प्रमुख शहरों में आज चांदी के भाव में ज़बरदस्त बदलाव देखा जा रहा है:
-
दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, पटना समेत अन्य शहरों में चांदी ने नई ऊँचाइयाँ छुईं।
-
MCX पर ₹4 लाख/kg से ऊपर के भाव ने स्थानीय बाजारों में भी रेट को ऊपर धकेल दिया।
-
कई शहरों में निवेशकों ने देखा कि चांदी ने ₹17,000 से ₹20,000 तक की तेजी एक ही दिन में दिखाई।
यह उछाल सिर्फ निवेश और ट्रेडिंग डिमांड के कारण नहीं है, बल्कि औद्योगिक उपयोग, उच्च मांग वाले सेक्टर (जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल आदि) और संचित मांग ने भी इसे प्रभावित किया है।
क्या चांदी की रैली अब भी जारी रहेगी?
जहाँ कुछ रिपोर्टों के अनुसार चांदी की बढ़त स्थिर बनी हुई है, वहीं कुछ विश्लेषक सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह “बुल रन” (Bull Run) अब धीरे-धीरे ठंडी पड़ेगी या बढ़ती रहेगी। हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट ने कहा कि स्पॉट चांदी ने अब तक रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुँच कर स्थिरता दिखाई है, और अगर बाज़ार में गिरावट आएगी तो यह थोड़ी रिट्रेसमेंट दिखा सकती है।
निवेश विशेषज्ञ मानते हैं कि कीमतों के इस ऐतिहासिक उछाल के बाद छोटे-बड़े निवेशकों को बाज़ार के वॉलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) पर नज़र रखनी चाहिए। मंदी या रिट्रेसमेंट के संकेत मिल सकते हैं जब डॉलर मजबूती दिखाए या वैश्विक मांग में गिरावट आए।
मुख्य कारण — क्यों चांदी महंगी हुई?
आज चांदी और सोने की कीमतों में जो उछाल दिख रहा है, उसके मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
-
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता – निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर बढ़ रहे हैं।
-
भौगोलिक-राजनीतिक तनाव – यूएस-चीन तनाव, मध्यपूर्व की अनिश्चितता आदि।
-
कमज़ोर डॉलर और मजबूत रुआब – डॉलर के कमजोर होने से चांदी और सोने के भाव में मजबूती आई है।
-
औद्योगिक डिमांड में वृद्धि – सोलर पावर, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि सेक्टर की मांग बढ़ी है।
ये सभी मिलकर चांदी को सिर्फ परंपरागत निवेश वस्तु ही नहीं बल्कि औद्योगिक कच्चा माल भी बनाते हैं, जिससे इसकी मांग और भाव दोनों में प्रबलता आती है।
