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Kerala local body election result 2025:UDF की जबरदस्त वापसी, LDF को बड़ा झटका

Kerala election result 2025

Kerala election result 2025

केरल (Kerala) में 2025 के स्थानीय निकाय (Local Body) चुनावों के परिणाम ने राज्य की राजनीति में तहलका मचा दिया है। 13 दिसंबर 2025 को घोषित रिज़ल्ट से पता चला है कि कांग्रेस-नेतृत्व में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने ज़ोरदार वापसी की है, जबकि लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को बड़ा सियासी झटका मिला है और भारतीय जनता पार्टी (BJP)-नेतृत्व वाला NDA भी ऐतिहासिक बढ़त दर्ज कर रहा है। इन चुनावों को 2026 के विधानसभा चुनावों का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जा रहा है।

मुख्य परिणाम — UDF की शानदार जीत

राज्य में UDF ने स्थानीय निकायों (ग्रामा पंचायत, ब्लॉक पंचायत, जिला पंचायत, नगरपालिकाएं और कॉर्पोरेशन्स) में तगड़ा प्रदर्शन किया है।

इसके अलावा, केरल (Kerala) में विकास और जन कल्याण के मुद्दे भी प्रमुखता से उठे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह परिणाम LDF के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि पार्टी पिछले कई वर्षों से राज्य में सत्ता में थी और स्थानीय स्तर पर मजबूत स्थिति रखती थी।

Thiruvananthapuram में NDA की ऐतिहासिक सफलता

स्थानीय निकाय चुनाव का सबसे चौंकाने वाला परिणाम Thiruvananthapuram Municipal Corporation में आया। यहाँ भाजपा-नेतृत्व वाला NDA ने 50 में से 101 सीटों पर जीत दर्ज की और पहली बार इस महत्त्वपूर्ण नगर निगम में सत्ता पर काबिज हुआ।

यह उपलब्धि इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि पिछले 45 सालों से LDF-समर्थित दल थिरुवनंतपुरम निगम पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए थे। अब NDA के इस जीत को राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जश्न को “केरल राजनीति में एक watershed moment” यानी परिवर्तनकारी क्षण बताया है और जनता को धन्यवाद दिया है कि उन्होंने “विकास-आधारित शासन” को समर्थन दिया है।

अलग-अलग निकायों में परिणाम का सार

🟢 कॉर्पोरेशन्स:

  1. UDF ने चार में से छह कॉर्पोरेशनों में जीत हासिल की।

  2. LDF को केवल Kozhikode कॉर्पोरेशन में सफलता मिली।

  3. NDA ने Thiruvananthapuram में ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

नगरपालिकाएँ और पंचायतें:

  1. UDF ने लगभग 54 नगरपालिकाओं में बढ़त बनाई।

  2. ग्राम पंचायतों और ब्लॉक पंचायतों में भी UDF ने धाक जमा ली।

  3. NDA ने कई ब्लॉक और पंचायतों में अपने वोट शेयर को बढ़ाया।

ये परिणाम दर्शाते हैं कि केरल की राजनीति में द्विध्रुवीय मुकाबला (LDF vs UDF) के अलावा अब त्रिकोणीय संघर्ष (UDF vs LDF vs NDA) का रुझान मजबूत हो रहा है।

LDF को बड़ा धक्का

LDF, जिसने पिछले चुनावों में स्थानीय निकायों पर बड़ी पकड़ बनाए रखी थी, इस बार हार से जूझती नजर आई है।

कई प्रमुख नगरीय सीटें UDF के हाथ चली गईं, LDF की पारंपरिक मजबूतगाँवों में भी जीत की राह मुश्किल हुई, पार्टी ने कई ब्लॉक और पंचायत में अपनी बढ़त खो दी

विश्लेषकों का कहना है कि स्थानीय मुद्दों, पार्टी की संगठनात्मक कमजोरी, और शहरी वोटर के बदलते रुझान ने LDF को नुकसान पहुँचाया है।

राजनीतिक परिदृश्य पर असर और आगे का रास्ता

यह चुनाव नतीजे 2026 के आसन्न विधानसभा चुनावों का एक महत्वपूर्ण पूर्वावलोकन हैं। UDF की बढ़त यह संकेत देती है कि पार्टी राज्य में फिर से सत्ता में वापसी की राह तलाश रही है, जबकि NDA की बढ़त BJP को केरल जैसे पारंपरिक रूप से कठिन राज्य में भविष्य में मजबूत भूमिका निभाने का मौका देती है।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि:

  1. UDF इस शानदार प्रदर्शन से आत्मविश्वास बढ़ाएगी

  2. LDF अपनी रणनीति और संगठनात्मक ढांचे पर पुनर्विचार करेगा

  3. NDA अब केवल एक तीसरी शक्ति के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य में निर्णायक भूमिका निभा सकता है

ये परिणाम निश्चित ही केरल की राजनीति में एक नया अध्याय लिख रहे हैं।

केरल चुनाव परिणाम 2025 ने साबित कर दिया है कि राज्य का राजनीतिक परिदृश्य अब स्थानीय निकायों के चुनावों के जरिए भी बदलता जा रहा है।  इन संकेतों के साथ 2026 के विधानसभा चुनाव का रोमांच और बढ़ गया है — जनता का रुख, स्थानीय मुद्दों का प्रभाव और राजनीतिक समीकरण अब नई दिशा की ओर अग्रसर दिखते हैं।

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