30 नवम्बर 2025 को रांची के JSCA International Stadium Complex में पहली ODI में, दक्षिण अफ़्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। भारत ने बल्लेबाज़ी करते हुए अपनी पहली पारी में 50 ओवर में 8 विकेट खोते हुए 349/8 का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इस विशाल लक्ष्य के सामने जब दक्षिण अफ़्रीका ने पीछा शुरू किया, तो शुरुआत उनके लिए बैकफुट रही — early झटकों ने उनकी कमर तोड़ने की कोशिश की। लेकिन जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, वहां से उन्होंने वापसी की — विद्रोह करने का जुनून दिखाया, मैच को आखिरी तक टाइट बनाकर रखा। अंत में, 332 रन पर ऑल-आउट होते हुए वे सिर्फ 17 रनों से लक्ष्य से चूके। भारत को मिली जीत, और 3-मैच की सीरीज में 1-0 की बढ़त।

🌟 चमकते सितारे — बल्ले से ‘शत-शतक’ और गेंद से ‘कसरत’
🔸 Virat Kohli — मैच का दिल और जान
इस मुकाबले के नायक Virat Kohli रहे, जिन्होंने 120 गेंदों पर शानदार 135 रनों की पारी खेली — जिसमें 11 चौके और 7 छक्के शामिल थे। उनका यह ODI करियर का 52वां शतक है।
Kohli और Rohit Sharma के बीच दूसरे विकेट की साझेदारी ने टीम को न सिर्फ 349 तक पहुंचाया, बल्कि आत्मविश्वास से भरी पारी की नींव डाली।
🔸 संतुलित टीम effort — Rohit, KL राहुल और मध्यक्रम
Rohit शर्मा ने मददगार 57 रन बनाए — जो टीम के लिए बहुत उपयोगी साबित हुए। साथ ही, KL Rahul ने बीच के समय में एक शांत और भरोसेमंद 60-run पारी खेलकर टीम को आगे बढ़ाया।
इस तरह भारत का मध्यक्रम न सिर्फ शुरुआती झटकों से उबरने में कामयाब रहा, बल्कि बाद में बड़े स्कोर का आधार भी बन पाया।
🔸 गेंदबाज़ों की क़िस्मत और दबाव — Kuldeep यानि जादूई स्पिन और Harshit-Prasidh की गेंदबाज़ी
जब South Africa की पारी दबाव में थी, तब उनके गेंदबाज़ों ने वापसी की कोशिश की — लेकिन भारत के गेंदबाज़ों ने पूरे संयम और रणनीति के साथ जवाब दिया। खासकर Kuldeep Yadav ने 4 विकेट झटके — जिनमें उन्होंने Jansen और Breetzke को एक ही ओवर में भेजा, जिसने मैच का रुख भारत की ओर पलट दिया।
इसके अलावा, Harshit Rana ने शुरूआती ओवरों में निर्णायक झटके दिए, जिससे Proteas की शुरुआत बुरी तरह पटरी से उतरी।
और अंत में, दबाव के उस आखिरी ओवर में जब 18 रन चाहिए थे, तब Prasidh Krishna ने संयम दिखाया — और फ़िर से भारत की जीत पक्की की।
South Africa की वापसी — लड़खड़ाहट और जज़्बा दोनों का मिश्रण
शुरुआत में South Africa की टीम को लगा था कि वे आसानी से मुकाबला अपने नाम कर लेंगे। लेकिन शुरुआती तीन विकेट जल्दी गिरने से उनकी पारी डगमगा गई।
लेकिन फिर मध्यक्रम ने जुझारूपन दिखाया — Matthew Breetzke (72), Marco Jansen (70) और Corbin Bosch (67) जैसे बल्लेबाज़ों की पारी ने मैच में वापसी कर दी। खासकर Jansen की 26 गेंदों की पारी, रफ्तार और जोश दोनों लेकर आई।
इनकी पारी ने बढ़त हासिल करने का सपना जगाया, और मैच अंतिम ओवर तक “किसने जीते?” की हालत में चला। लेकिन अनुभव, संयम और दबाव में फिटनेस ने भारत को जीत दिलाई।