भारत में सोने की कीमत पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव के बाद फिर से ऊँची रही। देश के सबसे बड़े बाजारों जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोना आज बढ़े हुए दामों पर दर्ज किया गया है।
विशेष रूप से, सोने और चांदी दोनों की कीमतों में ताज़ा उछाल देखा गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत में लगभग ₹7,500 तक की वृद्धि दर्ज हुई, जबकि चांदी भी लगभग ₹8,000 तक उँची गई है। यह तेजी वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं की मजबूत मांग, निवेशकों का सुरक्षा-साधन की तरफ रुख, और मुद्रा आंदोलनों के कारण देखने को मिल रही है।
सराफा बाजार में सोने की कीमतों में यह उछाल आम लोगों, खरीदारों और निवेशकों दोनों के लिए महत्त्वपूर्ण संकेत देता है — खासकर त्योहारों और शादी के सीज़न से पहले।
सोने के भाव
आज के ताज़ा रुझान के अनुसार, भारत में सोने के दाम लगातार बदल रहे हैं, लेकिन ऊँची स्थिति जारी है:
📍 24 कैरेट सोना: लगभग ₹14,968 प्रति ग्राम
📍 22 कैरेट सोना: लगभग ₹13,720 प्रति ग्राम
📍 18 कैरेट सोना भी उसी ट्रेंड के अनुरूप हाई लेवल पर ट्रेड कर रहा है।
ये दाम पिछले दिन की तुलना में लगभग 2.43% की तेजी दर्शाते हैं, जिससे पता चलता है कि निवेशक सोने को अभी भी एक सुरक्षित निवेश मानते हैं।
ध्यान रहे कि यह रेट सभी शहरों में थोड़े बहुत अलग हो सकते हैं क्योंकि स्थानीय टैक्स, सराफा शुल्क और अन्य चार्ज भी दामों को प्रभावित करते हैं।
वैश्विक बाजार और ट्रेंड का असर
सोने की कीमत सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में:
✔︎ डॉलर की कमजोरी
✔︎ वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
✔︎ ऊर्जा और कच्चे माल की कीमतों में बदलाव
जैसी वजहों से सोने की मांग बढ़ती है, जो अंततः भारत जैसे आयात-आधारित देशों में सोने के रेट पर सीधा असर डालती है।
इन सबका असर है कि आज सोना निवेशक के लिए एक सुरक्षित आश्रय (safe-haven) की तरह सामने आया है, खासकर जब शेयर बाजार या अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव हो।
सोना खरीदने या बेचने से पहले क्या ध्यान रखें?
सोना खरीदना भारत में सिर्फ पारिवारिक आयोजन नहीं—यह एक बड़ा निवेश विकल्प भी है। लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
1. सोने का शुद्धता स्तर (Carat)
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24 कैरेट = 99.9% शुद्ध
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22 कैरेट = लगभग 91.6% शुद्ध
जितना अधिक कैरेट, उतनी शुद्धता और कीमत भी उतनी ही ज्यादा।
2. MCX और घरेलू बाजार का अंतर
MCX पर सोना वायदा भाव (future price) और सराफा बाजार के रेट में थोड़ा अंतर होता है। निवेशकों को इन दोनों को समझकर निर्णय लेना चाहिए।
3. समय और अवसर
यदि सोना तेजी पर है तो निवेश करना फायदे का हो सकता है; वहीं जब गिरावट हो, तो बेचने का सही समय चुनना बेहतर है।
विश्लेषकों का क्या कहना है?
वित्तीय विश्लेषक बताते हैं कि सोने की कीमतों में यह तेजी वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताओं की वजह से है और आने वाले हफ्तों तक यह ट्रेंड जारी रह सकता है। यदि डॉलर कमजोर रहता है या वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो सोने की मांग और बढ़ सकती है।
इसलिए निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे थोड़ा-थोड़ा करके खरीदारी करें और बड़ी रकम लगा डालने से पहले बाजार के रुझानों को करीब से देखें।
