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Elon Musk New Revelation:एलन मस्क का नया खुलासा: बेटे का नाम “सेखर”

Elon Musk Announces His Son’s Name as “Sekhar”

दुनिया के जाने-माने उद्योगपति और टेक नवप्रवर्तक Elon Musk ने हाल ही में अपनी निजी ज़िंदगी से जुड़ा एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने भारत में खासा चर्चा बटोरी है। 30 नवंबर 2025 को, उन्होंने मशहूर पॉडकास्ट People by WTF में बात करते हुए बताया कि उनकी पार्टनर Shivon Zilis “आधी भारतीय (half-Indian)” हैं। साथ ही, उनके एक बेटे का मिडल नाम “Subrahmanyan Chandrasekhar” के सम्मान में “सेखर (Sekhar)” रखा गया है — जो कि खगोल भौतिकी में नोबेल पुरस्कार जीत चुके महान वैज्ञानिक हैं।

शिवोन जिलिस कौन हैं?

शिवोन जिलिस एक तकनीकी एवं एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) विशेषज्ञ हैं, जो कि उनकी कंपनियों में से एक, Neuralink में ऑपरेशन्स और स्पेशल प्रोजेक्ट्स की डायरेक्टर हैं।

मस्क ने बताया कि शिवोन को बचपन में गोद लिया गया था। हालांकि उनकी पृष्ठभूमि के बारे में पूरी जानकारी साझा नहीं की गई, मस्क के अनुसार उनकी माँ भारतीय थीं, जबकि पिता कनाडाई थे। शिवोन कनाडा में पली-बढ़ीं और वहीं से उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की।

“सेखर” नामकरण — एक सम्मान, एक संदेश

मस्क ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने बेटे के मिडल नाम के रूप में “सेखर” इसलिए चुना क्योंकि वे उस नाम के पीछे देश और संस्कृति की विरासत को सम्मान देना चाहते थे। “सेखर” वास्तव में “चंद्रशेखर” नाम का एक आदर-सहीन रूप है — जिसका श्रेय उन्हें जाता है जिनकी रिसर्च ने खगोल-भौतिकी में इतिहास रचा।

इसके अलावा, यह कदम सिर्फ व्यक्तिगत भावनाओं का प्रतीक ही नहीं है, बल्कि एक सांस्कृतिक पुल — पश्चिम और भारत के बीच — की ओर एक स्पष्ट इशारा भी है।

मस्क का भारत और भारतीय प्रतिभा के प्रति सम्मान

इस अवसर पर मस्क ने न केवल अपने बच्चे के नामकरण के पीछे की कहानी साझा की, बल्कि उन्होंने अमेरिका में भारतीयों द्वारा दी जा रही योगदान की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि “अमेरिका ने भारतीय प्रतिभा से जबरदस्त लाभ उठाया है।”

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में वीजा नीतियाँ कड़ी हो चुकी हैं और कई भारतीय पेशेवरों के लिए अमेरिका जाना मुश्किल हो गया है। मस्क का यह खुलासा और सराहना निश्चित रूप से भारतीय समुदाय के लिए गर्व का विषय बन सकता है। सामाजिक-सांस्कृतिक मायने

  1. अंतरराष्ट्रीय पहचान में भारतीय विरासत — मस्क जैसे वैश्विक स्तर के व्यक्ति द्वारा “सेखर” जैसा भारतीय नाम और उसकी पृष्ठभूमि सार्वजनिक तौर पर स्वीकार करना, भारतीय विरासत को एक नई, सम्मानजनक पहचान देता है।

  2. वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक सम्मान — मिडल-नेम के रूप में नोबेल पुरस्कृत भारतीय वैज्ञानिक का नाम चुनकर, मस्क ने विद्वता, विज्ञान और भारत की शैक्षणिक विरासत को मान्यता दी है।

  3. प्रवासी भारतीयों की उपलब्धि — शिवोन की कहानी उन अप्रत्यक्ष प्रवासी भारतीयों की याद दिलाती है, जिनकी जड़ें भारत में हैं, लेकिन जीवन विदेश में हुआ — और फिर भी अपनी जड़ों को न भूलना एक सकारात्मक संदेश है।

  4. पितृत्व एवं वैश्विक संस्कार — मस्क की यह बात कि वह अपने बच्चों के नामकरण में संस्कृतिक और ऐतिहासिक सम्मान देना चाहते हैं, यह दिखाता है कि वैश्विक परिवारों में भी भारतीयता और भारत के मूल्यों को जीवन में जगह मिल सकती है।

 

एलन मस्क का “सेखर” नामकरण सिर्फ एक नाम नहीं — बल्कि एक प्रतीक है: भारत, उसकी संस्कृति और वैज्ञानिक उपलब्धियों का प्रतीक। जब दुनिया के सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में से एक, अपनी निजी जिंदगी में भारत को सम्मिलित करता है, तो वह भारतीयता को एक अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्म पर आवाज़ देता है।

शिवोन और उनके परिवार के इस निर्णय से न सिर्फ उनके बच्चे की पहचान में विविधता आई है, बल्कि यह उन भारतीयों के लिए गर्व का पल है जो दुनिया के किसी कोने में अपनी मेहनत और प्रतिभा से योगदान दे रहे हैं।

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