2025 में Municipal Corporation of Delhi (MCD) के 12 वार्डों में हुए उपचुनाव (by-election) में मतदाता अपनी भागीदारी दर्ज कराने गए। मतदान 30 नवंबर 2025 को हुआ था और मतगणना 3 दिसंबर 2025 को घोषित की गई।
कुल 51 उम्मीदवार — जिनमें से 26 महिलाएं थीं — ने चुनावी मैदान में हिस्सा लिया।
मतदान शांतिपूर्ण रहा और कुल मतदान प्रतिशत 38.51% रहा।
जहाँ 2022 के MCD चुनाव में 50.47% मतदान हुआ था, वहीं इस अधूरा-चुनाव में मतदान प्रतिशत सीमित रहा।
📊 नतीजा — कौन जीता, कौन हारा
मतगणना के बाद परिणाम साफ हो गए:
-
Bharatiya Janata Party (बीजेपी) — 7 सीटों पर जीत दर्ज कर पूरे चुनाव में सबसे आगे रही।
-
Aam Aadmi Party (AAP) — 3 सीटों पर जीत पाई।
-
Indian National Congress — 1 सीट जीतने में सफल रहा।
-
All India Forward Bloc (AIFB) या निर्दलीय — 1 सीट जीतकर मामूली सफलता हासिल की।
विशेष रूप से, बीजेपी ने 9 पहले से अपने पास थीं सीटों में से 2 गंवाई, एक कांग्रेस को और एक AIFB (या निर्दलीय) उम्मीदवार को। हालांकि यह परिवर्तन मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन की स्थिति को नहीं हिला पाया।
मतलब — 12 वार्डों के इस उपचुनाव में कुल मिलाकर बीजेपी ने अपना दबदबा बनाए रखा है, वहीं AAP, कांग्रेस व अन्य दलों ने सीमित स्थानों पर अपनी दाद_strength देखाई है।
चुनौतियाँ, मतदाताओं की भागीदारी और राजनीति
-
मतदान प्रतिशत 38.51% — यह 2022 की तुलना में कम रहा। इससे सवाल उठते हैं: क्या आम नागरिकों में उत्साह नहीं रहा या जनहित मुद्दों ने दिलचस्पी कम कर दी?
-
कई वार्डों में मतदान रिकॉर्ड कम हुआ; उदाहरण के लिए, कुछ वार्डों में मतदाताओं की भागीदारी 26-30% तक सीमित रही।
-
इन उपचुनावों को देखा जा रहा था इस साल हुए विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक मूڈ का पहला असली पैमाना — खासकर दो बड़े दल Bharatiya Janata Party और AAP के लिए।
🧩 आगे की राजनीति — MCD की दिशा और संभावनाएँ
-
बीजेपी की यह जीत MCD में उसकी संख्या को मजबूत बनाए रखेगी, जिससे मेयर आदि पदों पर उसके दावेदारों की स्थिति और मजबूत होगी।
-
वहीं AAP के लिए 3 सीटें जीतना इससे संकेत मिलता है कि बड़े-बड़े बदलाव नहीं हुए, लेकिन शहर के कुछ हिस्सों में उसकी पकड़ अभी भी है।
-
कांग्रेस और AIFB जैसी पार्टियों को एक-एक सीट मिलने से यह दिखा कि छोटे दल या पुराने पार्टियों को भी मौके मिल सकते हैं, अगर वे स्थानीय मुद्दों पर ध्यान दें।
-
अब देखना होगा कि नए पार्षद किन लोकल वादों व विकास कार्यों पर काम करेंगे — और जनता कितनी उम्मीदों के साथ उनसे जुड़ी रहेगी।
2025 के MCD उपचुनाव ने यह साफ किया है कि दिल्ली नगर निगम में सियासी प्रभुत्व अभी भी Bharatiya Janata Party के हाथ में है। 12 वार्डों में से 7 पर जीत, कम मतदान के बावजूद, उसका दबदबा दर्शाता है। हालांकि परिणामों ने यह भी दिखाया कि मतदाता हर हल्के बदलाव के लिए तैयार हैं — कहीं AAP की 3 जीत, कहीं कांग्रेस व AIFB की जीत।
लेकिन एक बड़ी बात यह है कि 38.51% मतदान — यह सुझाव देता है कि कई लोग अभी भी नगर निकाय चुनावों में सक्रिय भागीदारी नहीं ले रहे। अगर MCD व नए पार्षद जनता को जोड़ने और स्थानीय समस्याओं के समाधान में सफल होते हैं, तभी ये चुनाव वास्तव में मायने रखेंगे।
