दिल्ली और एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) इस समय ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में है, कुछ इलाकों में तो ‘सभी के लिए खतरनाक’ (Severe / Severe-plus) स्तर तक पहुंच गया है। राजधानी दिल्ली के कई हिस्सों में प्रदूषण इतना गहरा है कि दृश्यता अत्यंत कम हो गई है और जहरीली धुंध (toxic smog) ने शहर को ढक रखा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा मौसम में ठंडी हवाएँ और कमजोर हवा की गति ने प्रदूषण कणों को फँसा दिया है, जिससे PM2.5 और PM10 कण हवा में लंबी अवधि तक बने रहते हैं। इन सूक्ष्म कणों में शामिल हानिकारक रसायन सांस के रास्ते सीधा शरीर में प्रवेश करते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ते हैं।
शैलो कोहरा और स्मॉग का मिलाजुला प्रभाव
सुबह-शाम के समय मौसम विभाग और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार शैलो कोहरा (धुंध) और स्मॉग दोनों एक साथ दिख रहे हैं। शैलो कोहरा का मतलब है कि दृश्यता नज़दीकी दूरी तक ही सीमित है – इससे सड़क और हवाई यातायात दोनों प्रभावित हुए हैं। कोहरे की वजह से दिन भर दिल्ली-NCR में दृश्यता कम रही और इंडिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर उड़ानों की प्रचंड प्रभावित स्थिति बनी हुई है।
दिल्ली में, सुबह-शाम के समय मौसम विभाग और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार शैलो कोहरा (धुंध) और स्मॉग दोनों एक साथ दिख रहे हैं। शैलो कोहरा का मतलब है कि दृश्यता नज़दीकी दूरी तक ही सीमित है – इससे सड़क और हवाई यातायात दोनों प्रभावित हुए हैं। कोहरे की वजह से दिन भर दिल्ली-NCR में दृश्यता कम रही और इंडिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर उड़ानों की प्रचंड प्रभावित स्थिति बनी हुई है।
उड़ानों पर गंभीर प्रभाव – उड़ानें प्रभावित
शैलो कोहरे और निकट-शून्य दृश्यता के कारण मंगलवार सुबह के समय एयरपोर्ट ऑपरेशंस में भारी गड़बड़ी हुई:
-
200 से ज़्यादा उड़ानें (Flights) या तो लेट हुई हैं या कैंसिल की गई हैं।
-
इंडिगो, एयर इंडिया और अन्य एयरलाइंस ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों तक देरी और कैंसिलेशन जारी रह सकते हैं।
-
गुरुवार तक एयरलाइंस ने सलाह दी कि यात्रियों को अपने उड़ान का सीधा अपडेट एयरलाइन ऐप/साइट पर चेक करना चाहिए।
कई रिपोर्टों के अनुसार कुछ सैकड़ों उड़ानें प्रभावित होने की सूचना भी मिली है, जिनमें कुछ रूट्स को दूसरे एयरपोर्ट पर डायवर्ट भी किया गया है। खराब दृश्यता के चलते एयरलाइंस को CAT-III सिस्टम वाले विमानों के अलावा अन्य विमानों की लैंडिंग/टेकऑफ सीमित करना पड़ा है।
सड़क और अन्य परिवहन पर भी असर
शैलो और डेंस स्मॉग के कारण सड़क पर दृश्यता बहुत कम हो गई है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सुबह कोहरे में आठ गाड़ियों की सीधी टक्कर जैसी दुर्घटनाएँ भी हुईं, जिनमें दो लोगों की मौत और कई लोग घायल हुए। स्थानीय प्रशासन ने कोहरे में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखने का निर्देश दिया है।
रेल और बस सेवाओं में भी देर और रुकावटें देखने को मिल रही हैं, क्योंकि मौसम और प्रदूषण का मिलाजुला प्रभाव सामान्य यातायात और ट्रैफिक दोनों को प्रभावित कर रहा है।
लोगों की सेहत पर प्रभाव और चेतावनियाँ
वैज्ञानिकों और अस्पतालों का कहना है कि “बहुत खराब” या “सभी के लिए खतरनाक” श्रेणी का AQI सभी आयु-समूह के लोगों के लिए स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है। विशेष तौर पर:
-
बच्चों, बुज़ुर्गों, गर्भवती महिलाओं और श्वसन/हृदय रोगियों के लिए यह और भी जोखिम भरा है।
-
आंखों में जलन, कफ/खांसी, सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण आम हैं।
-
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग N95/समान गुणवत्ता वाले मास्क का उपयोग करें और आवश्यकता न होने पर बाहर न निकलें।
कारण क्या हैं?
प्रदूषण के बढ़ने के मुख्य कारणों में शामिल हैं:
-
वाहनों के उत्सर्जन और निर्माण गतिविधियाँ
-
औद्योगिक धूल और नज़दीकी राज्यों में पराली जलने जैसी क्रियाएँ
-
मौसम के अनुकूल कमजोर हवा (धुएं और कणों का फैलाव नहीं)
-
ठंडी हवाएँ और रात का शीतलता
ये सब मिलकर एक सघन स्मॉग और कोहरे की परत बनाते हैं, जिससे प्रदूषण स्तर बहुत तेजी से ऊपर जाता है।
सरकारी और प्रशासनिक कदम
प्रशासन ने कुछ क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण योजनाएँ और चेतावनियाँ जारी की हैं:
-
एयरलाइंस और एयरपोर्ट को सलाह/अधिसूचना जारी
-
सड़क पर कोहरे के लिए चेतावनी और कैफियत
-
लोगों से श्वसन सुरक्षा के उपाय अपनाने और यात्रा योजनाओं को अपडेट रखने की अपील
हालाँकि अभी तक कोई बड़ा राहत उपाय नहीं देखा गया है, लेकिन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सरकार को प्रदूषण नियंत्रण और लम्बे-समय के उपायों पर और तेज़ी से काम करना चाहिए।
